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शारीरिक संबंध (Sex) बनाने के दौरान महिला और पà¥à¤°à¥à¤·, दोनों में आपसी सामंजसà¥à¤¯ होना बेहद आवशà¥à¤¯à¤• होता है. सेकà¥à¤¸ को दोनों शारीरिक संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ चाहते हैं, इसलिठदोनों के à¤à¤•-दूसरे के शरीर के संवेदनशील अंगों (Sensitive Body Parts) के बारे में जानना बेहद जरूरी है. वैसे हर महिला के संवेदनशील अंग अलग-अलग होते हैं, जहां सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ में उसमें कामेचà¥à¤›à¤¾ जागती है. आइठजानते हैं महिलाओं के संवेदनशील अंगों के बारे में.
कान
के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, कान à¤à¥€ महिलाओं को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करने में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं. ये शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से महिला पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° से तैयार करते हैं. अगर काम-कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में चरमानंद लेना चाहते हैं तो अपने पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° के कान के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ या पीछे के à¤à¤¾à¤— को सहलाना चाहिà¤.
गरà¥à¤¦à¤¨
अधिकतर महिलाओं को सेकà¥à¤¸ के दौरान गरà¥à¤¦à¤¨ पर हलà¥à¤•े हाथों से छूना और किस करना अचà¥à¤›à¤¾ लगता है. इससे सेकà¥à¤¸ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ बढ़ती है. दरअसल महिलाओं की गरà¥à¤¦à¤¨ का पिछला हिसà¥à¤¸à¤¾ बहà¥à¤¤ संवेदनशील होता है. इसे सहलाने से सेकà¥à¤¸ का आनंद बढ़ाया जा सकता है.
विजà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¨
जांघ का अंदरूनी हिसà¥à¤¸à¤¾
महिलाओं की जांघों का अंदरूनी हिसà¥à¤¸à¤¾ बेहद संवेदनशील होता है. जहां पà¥à¤¯à¤¾à¤° से छूने, सहलाने से महिलाओं की उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ बॠजाती है और वो शारीरिक संबंध के दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आनंद ले पाती हैं.
पैर और अंगूठा
महिलाओं के पैरों में कई संवेदनशील नरà¥à¤µ होती हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ छूने से सेकà¥à¤¸ करने की इचà¥à¤›à¤¾ जागà¥à¤°à¤¤ होती है. महिलाओं का तलवा और अंगूठा à¤à¥€ सेंसिटिव (संवेदनशील) होता है, इसलिठइन शारीरिक अंगों को छूने से à¤à¥€ शारीरिक संबंधों का आनंद बढ़ाया जा सकता है.
पलकें
जब पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° की पलकों को पà¥à¤¯à¤¾à¤° से चूमेंगे तो शरीर में à¤à¤• सिहरन सी होने लगती है. दरअसल पलकों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ बेहद पतली होती है और कई नरà¥à¤µà¥à¤¸ की मौजूदगी इसे संवेदनशील बना देती है, इसलिठइसकी गिनती कामोतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• अंगों में होती है.
पीà¤
महिलाओं की पीठका हिसà¥à¤¸à¤¾ à¤à¥€ काफी संवेदनशील होता है. यहां चà¥à¤‚बन करने से महिलाà¤à¤‚ न सिरà¥à¤« उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ होती है, बलà¥à¤•ि उनका तनाव à¤à¥€ कम होता है. मानसिक व शारीरिक सà¥à¤– मिलने से वह खà¥à¤¦ को अपने पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° के लिठसमरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ कर देती है.
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